PUNJAB में भाजपा को बड़ा झटका लगा, प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंचायत चुनाव से पहले पद से इस्तीफा दे दिया।
PUNJAB में भाजपा, सुनील जाखड़ की राजनीतिक यात्रा में कई बड़े बदलाव हुए हैं,
PUNJAB में भाजपा : जाखड़ का इस्तीफा पंजाब में होने वाले पंचायत चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जिसके बाद भाजपा में हड़कंप मच गया है। पार्टी हाईकमान ने उनके इस्तीफे को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन जाखड़ ने इस बारे में कुछ नहीं कहा।
सुनील जाखड़ की राजनीतिक यात्रा में कई बड़े बदलाव हुए हैं, जिसमें मई 2022 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल होना सबसे महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की पंजाब विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद यह बदलाव हुआ। सुनील जाखड़ पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं। वह दो बार अबोहर और एक बार गुरदासपुर से सांसद रह चुके हैं।
जुलाई में हुए जालंधर उपचुनाव के बाद, जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य पार्टी नेताओं को पद छोड़ने की घोषणा की थी।
पार्टी के अध्यक्ष अभी तक इस कदम को आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं कर चुके हैं, जिससे पंजाब में भाजपा का नेतृत्व अनिश्चित है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से सुनील जाखड़ प्रदेश कार्यकारिणी की बैठकों से दूर रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू को चुनाव हारने के बाद भी केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए जाने से सुनील जाखड़ नाराज थे, रिपोर्ट बताती है। भजपा ने रवनीत सिंह को राजस्थान से राज्यसभा भेजा था।
गौर करने वाली बात है कि पंजाब भाजपा में 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। उस समय कांग्रेस से भाजपा में आए सुनील जाखड़ ने पार्टी का नेतृत्व किया था। 2022 में कांग्रेस की पराजय के बाद सुनील जाखड़ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए।