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CM Nayab Saini ने गोपाष्टमी के अवसर पर गोवन सेवा धाम, पंचकूला में आयोजित उत्सव को संबोधित किया

CM Nayab Saini ने गोपाष्टमी के अवसर पर गोवन सेवा धाम, पंचकूला में आयोजित उत्सव को संबोधित किया

Haryana CM Nayab Saini  ने कहा कि गौवंश की संपूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष गौ सेवा आयोग के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है, जिसे आगामी वर्ष में बढ़ाकर 510 करोड़ रुपये किया जाएगा।

CM Nayab Saini ने कहा कि बेसहारा गौवंश की देखभाल की दिशा में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आगामी 3 माह में सड़कों पर बेसहारा गौ-वंश दिखाई नहीं देगा।

मुख्यमंत्री गोपाष्टमी के अवसर पर गोवन सेवा धाम, पंचकूला में आयोजित उत्सव को संबोधित कर रहे थे  इससे पहले मुख्यमंत्री ने सेक्टर 23, गौवन सेवा धाम की परिक्रमा की और गौ सेवा भी की तथा तुलादान भी किया।। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गौ-वन धाम गौशाला को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि हमारे समाज में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इसका दूध अमृत के समान है। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि गोपाष्टमी हमारे संस्कारों से जुड़ा पर्व है, इसलिए सभी गौभक्त बधाई के पात्र हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने गौ-माता की सेवा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था और तभी से उनका नाम गोविंद पड़ा था।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने 1000 गायों वाली गौशालाओं को एक ई रिक्शा और इससे ज्यादा गायों वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा खरीदने हेतु प्रति ई-रिक्शा 1 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब नई गौशाला बनाने के लिए सीएलयू लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए 90 प्रतिशत अनुदान तथा 3000 गायों वाली गौशाला में गौवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए सप्ताह में एक दिन चिकित्सक द्वारा देखभाल करने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो किसान देसी गाय का पालन करेगा उसे 30,000 रुपए की राशि प्रति वर्ष प्रति गाय का अनुदान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गौशाला के लिए दान में मिली या खरीदने वाली जमीन की रजिस्ट्री पूर्ण रूप से टैक्स से मुक्त की गई है।इसके अलावा ईडीसी की फीस भी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि गौशाला में ट्यूबवेल लगाने के लिए बिजली और सिंचाई विभाग से कोई अनुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं है।

बेसहारा बछड़ा, बछड़ी, गाय व नंदी को पकड़कर गौशाला में के लिए प्रति बछड़ा/बछड़ी 300 रुपए, प्रति गाय 600 रुपये और प्रति नंदी 800 रुपए की दर से नकद राशि का भुगतान गौशाला को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में चारे की व्यवस्था का भी प्रबंध करने का सरकार ने निर्णय लिया है। बछड़ों के लिए 20 रुपए, गाय के लिए 30 रुपए और नंदी के लिए 40 रुपए की राशि सरकार द्वारा चारे के लिए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय को आजीविका का साधन बनाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया गया है ताकि सभी गायों की रक्षा और संवर्धन आसानी से किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानीपत और हिसार में गौ अभ्यारण्य बनाए जा रहे हैं। इस प्रकार सरकार गायों की सुरक्षा के लिए कृत संकल्प है।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने गौशाला में गायों के उपचार के लिए बनाए गए मेडिकल रूम, कैंसर रूम, आईसीयू वार्ड का अवलोकन किया। उन्होंने घायल गायों के उपचार बारे पूरी जानकारी ली।

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