दिल्ली में 90 हजार गरीबों को राशन कार्ड क्यों नहीं मिला? DELHI में LG ने जांच का आदेश दिया
DELHI में LG : राजभवन और आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के बीच संघर्ष का एक नया मोर्चा खुलता नजर आ रहा है।
DELHI में LG : उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 90 हजार गरीब लोगों को राशन कार्ड देने में हुई कथित विफलता की जांच करने का आदेश दिया है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की अपील पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को 90 हजार गरीब लोगों को राशन कार्ड देने में दिल्ली सरकार की कथित विफलता की जांच करने का निर्देश दिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली की आप सरकार पर आर्थिक तौर से कमजोर परिवारों को नहीं देखने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने हजारों लोगों को भोजन तक पहुंच से वंचित कर दिया है।
भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने निचले तबके के परिवारों को भी राशन देने के लिए ‘अंत्योदय अन्न योजना’ का शुभारंभ किया था। 2011 की जनगणना के अनुसार, दिल्ली में अति गरीब 1,56,800 परिवारों को मासिक 35 किलो राशन मिलता था। 21 किलो गेहूं, 14 किलो चावल और 1 किलो चीनी इस राशन में दी गई थी।
उनका दावा था कि 90 हजार गरीब परिवारों को राशन कार्ड मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार उन्हें हर महीने 35 किलो अनाज मुफ्त देती होती, लेकिन आपकी सरकार ने इन्हें अनाज से वंचित रखा है।