Transport and Labor Minister Anil Vij: ईवीएम खराब हैं तो कांग्रेस चुनाव कराकर उदाहरण दे
Transport and Labor Minister Anil Vij: हरियाणा के बिजली, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस द्वारा लगातार लगाए जा रहे ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विज ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ईवीएम खराब हो तो कांग्रेस फिर से चुनाव में आ जाए, पता लग जाएगा। साथ ही, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चेतावनी देते हुए कहा, “हुड्डा साहब! आप वकील हैं, ऐसी बातें आपको शोभा नहीं देतीं।” हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान, विज बृहस्पतिवार को मीडिया लॉबी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। विज ने हुड्डा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि जिन सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की, उन सीटों पर ईवीएम कैसे काम किया? कांग्रेस को वहाँ एक नया सर्वेक्षण करना चाहिए। ईवीएम खराब होने से पूरे राज्य को नुकसान हुआ। कांग्रेस जिन सीटों पर जीती है, वहां ईवीएम ठीक कैसे हो सकती हैं। जहां भाजपा ने जीत हासिल की, वहीं पर ईवीएम खराब थी। यह कैसा लॉजिक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को रिपोल करवाकर उदाहरण देना चाहिए। विज ने कहा कि कांग्रेसी अज्ञानी हैं। जब ईवीएम चुनाव आयोग से जारी होते हैं, तो सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों से चेक किया जाता है। प्रतिनिधियों को जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलने के बाद भी फोन कर चैक कराया जाता है। ऐसे ही पोलिंग स्टेशन पर फोन करके चैक कराया जाता है। फिर भी कांग्रेसी कहते हैं कि ईवीएम खराब हैं।
विज ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा को नया भवन बनाने के लिए जमीन देने के विरोध में कहा कि अगर चंडीगढ़ पंजाब का है तो पंजाब अपने हिंदी भाषी क्षेत्र को हरियाणा को दे देना चाहिए। SWL बनाए और हमें हमारे हिस्से का पानी दे। जब तक वे ऐसा नहीं करते, हम चंडीगढ़ पर अधिकार रखेंगे।
उन्होंने कहा कि परिसीमन होना है और विधानसभा में सदस्यों की संख्या बढ़ जाएगी। हरियाणा में अब नब्बे विधायक हैं। परिसीमन के बाद इनकी संख्या 120 तक हो सकती है। ऐसे में विज ने कहा कि नए भवन की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि हरियाणा ने समय रहते इसकी शुरुआत की है। विज ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर कहा कि पहले कुछ लोग बीपीएल कार्ड नहीं बन पाते थे।वे लोग घूमते रहते थे और कोई उनकी सुनवाई नहीं करता था। अब सारा सिस्टम स्ट्रीम लाइन किया है, इसलिए हर पात्र व्यक्ति के बीपीएल कार्ड बन रहे हैं।